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राज्य के सभी खण्डों के स्कूलों में खरीदे जाएंगे ड्यूल डैस्क: शिक्षा मंत्री

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Dual desks will be purchased in schools of all blocks of the state: Education Minister

Page Media: – हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने कहा कि प्रदेश के सभी 22 जिलों के 26 खंडों के प्राथमिक, माध्यमिक एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों के बैठने के लिए ड्यूल डैस्क खरीदे (Buy dual desk for students to sit) जा रहे हैं। इन पर करीब 95 करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी तथा इसके प्रथम चरण में 31 जनवरी 2023 तक यह डैस्क संबंधित स्कूलों में पहुंचा दिए जाएंगे।

वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता

शिक्षा मंत्री ने आज शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य के सभी खण्डों के स्कूलों में करीब 1.41 लाख ड्यूल डैस्क खरीदे जाएंगे। इसके लिए आर्डर जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 31 दिसम्बर तक 23 खंडों के विद्यालयों में ड्यूल डैस्क उपलब्ध करवाने हेतु आर्डर जारी कर दिया जाएगा, जबकि शेष 60 खंडों के स्कूलों में इन्हें वर्ष 2023 तक उपलब्ध करवा दिए जाएंगे।

करीब 57 करोड़ रूपए की आवश्यकता

कंवरपाल ने बताया कि राज्य के 26 खंडों के विद्यालयों में 65501 डैस्क पांचवी कक्षा तक के विद्यार्थियों हेतु, 36168 डैस्क छठी से आठवीं तक तथा 39208 डैस्क नौवीं से 12 वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध करवाएं जाएंगे। उन्होंने कहा कि ड्यूल डैस्कों व उनकी मरम्मत हेतु सैकेण्डरी विभाग के लिए करीब 17 करोड़ रूपए तथा मौलिक विभाग के लिए करीब 57 करोड़ रूपए की आवश्यकता रहेगी।

दसवीं से बाहरवीं कक्षा के लिए टेबलेट

शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे जिन विद्यार्थियों को टेबलेट दिए गए हैं, उनको 30 नवम्बर तक टेबलेट सिम उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। अभी तक राज्य के दसवीं से बाहरवीं कक्षा के लिए 5.28 लाख विद्यार्थियों को टेबलेट उपलब्ध करवाएं जा चुके हैं। इसके अलावा स्कूलों में चल रहे मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखते हुए समय पर कार्य पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को जिन स्कूलों में कार्य चल रहा है, उसकी समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।

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युवाओं के आर्थिक शोषण को खत्म करने के लिए कौशल रोजगार निगम का गठन किया गया: मुख्यमंत्री मनोहर लाल

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Skill Employment Corporation has been formed to end economic exploitation of youth: Chief Minister Manohar Lal

Page Media: – मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले प्रदेश में अव्यवस्था थी, हमने इसको बदलने का काम किया है। वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल के दौरान एक लाख से ऊपर नियमित सरकारी नौकरी पारदर्शिता एवं योग्यता के आधार पर दी गईं।

न किसी की पर्ची, न किसी की खर्ची चली

इसमें न किसी की पर्ची, न किसी की खर्ची चली है। उन्होंने कहा कि युवाओं के आर्थिक शोषण को खत्म करने के लिए कौशल रोजगार निगम का गठन किया गया। यह आउटसोर्सिंग से जुड़ी सेवाओं में ठेका प्रथा बंद करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

टीजीटी व पीजीटी अध्यापकों को नियुक्ति पत्र

उन्होंने कहा कि अब तक 90 हजार से अधिक कर्मचारियों को इस निगम के माध्यम से समायोजित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों ही इस निगम के माध्यम से एक क्लिक से ही 2075 टीजीटी व पीजीटी अध्यापकों को नियुक्ति पत्र दिए गए है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार 9870 जेबीटी टीचरों को ज्वाइन कराए बगैर उनका भविष्य अधर में छोड़कर चली गई थी। उनमें से 9670 को ज्वाईन करवा दिया गया है।

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केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से हरियाणा को विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग: मुख्यमंत्री मनोहर लाल

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Demand from Union Finance Minister Nirmala Sitharaman to give special economic package to Haryana: Chief Minister Manohar Lal

Page Media: – मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से एनसीआर क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए हरियाणा को विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग रखी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के 14 जिले ऐसे हैं जो एनसीआर क्षेत्र में शामिल हैं।

हरियाणा को विशेष आर्थिक पैकेज

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, पानी, स्वच्छता, शहरी विकास और कनेक्टिविटी के लिए काफी संसाधन खर्च करने पड़ते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए हरियाणा को विशेष आर्थिक पैकेज दिया जाना चाहिए। विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वन के लिए विशेष पैकेज की मांग बिल्कुल जायज है।

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इंडिया-गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) ने मुक्त व्यापार समझौता (FTA) वार्ता को दोबारा शुरू करने का निर्णय

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FTA

Page Media: – वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता कार्य, खाद्य और सार्वजनिक वितरण तथा कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के महासचिव महामहिम डॉ. नायफ फलह एम. अल-हजरफ ने आज नई दिल्ली में एक संयुक्त प्रेस वार्ता की, जिसमें इंडिया-जीसीसी एफटीए पर चर्चा करने का इरादा व्यक्त किया गया।

उल्लेखनीय प्रगति पर दोनों देशों ने बातचीत की

आगे की दिशा तय करने और समाधान-आधारित बातचीत के साथ, भारत और जीसीसी देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों के सभी आयामों को मद्देनजर रखते हुये पारस्परिक हितों के समस्त मुद्दों पर होने वाली उल्लेखनीय प्रगति पर दोनों देशों ने बातचीत की।

दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुये कि एफटीए वार्ता को औपचारिक रूप से दोबारा शुरू करने के लिये सभी कानूनी व तकनीकी आवश्यकताओं को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाये। एफटीए एक आधुनिक और समग्र समझौता है, जिसके दायरे में माल और सेवाओं को रखा गया है।

एफटीए से नये रोजगार पैदा होंगे

दोनों पक्षों ने कहा कि एफटीए से नये रोजगार पैदा होंगे (FTA will create new jobs) , लोगों के रहन-सहन का स्तर बढ़ेगा और इससे भारत तथा सभी जीसीसी देशों में सामाजिक व आर्थिक अवसरों को विस्तार मिलेगा। दोनों पक्षों ने रजामंदी व्यक्त की कि इस समझौते से भारत और जीसीसी के पूरक व्यापारों और आर्थिक इको-सिस्टम के आधार पर निर्मित क्षमता को देखते हुये कारोबार को विस्तार देने तथा उसमें विविधता लाने में सहायता मिलेगी।

जीसीसी इस समय भारत का सबसे बड़ा कारोबारी

उल्लेखनीय है कि जीसीसी इस समय भारत का सबसे बड़ा कारोबारी साझीदार है। वित्तवर्ष 2021-22 में इनके बीच होने वाला द्विपक्षीय व्यापार 154 अरब यूएसडी था, जिसमें निर्यात लगभग 44 अरब यूएसडी और आयात लगभग 110 अरब यूएसडी (33.8 अरब का गैर-तेल निर्यात और 37.2 अरब यूएसडी गैर-तेल आयात) था। भारत और जीसीसी के बीच सेवाओं के द्विपक्षीय कारोबार वित्तवर्ष 2021-22 में लगभग 14 अरब यूएसडी के बराबर रहा, जिसमें निर्यात 5.5 अरब अरब और आयात 8.3 अरब यूएसडी था।

भारत में जीसीसी का निवेश

जीसीसी देश भारत के तेल आयात में लगभग 35 प्रतिशत और गैस आयात में 70 प्रतिशत का योगदान करते हैं। वर्ष 2021-22 में जीसीसी से भारत का कच्चे तेल का आयात लगभग 48 अरब यूएसडी का हुआ, जबकि इसी अवधि में एलएनजी व एलपीजी आयात लगभग 21 अरब यूएसडी का रहा। भारत में जीसीसी का निवेश इस समय 18 अरब यूएसडी से अधिक का है।

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